सफाई वाला नन्हा
नन्हा-सा बच्चा आया आज,
लेकर मन में प्यारा साज।
हाथ में कपड़ा थामे-थाम,
करने निकला अपना काम।
शीशे को वो साफ़ बनाए,
घिस-घिस करके चमकाए।
कभी हँसे, कभी मुस्काए,
अपनी छवि को भी निहार जाए।
छोटे-छोटे उसके हाथ,
करते जैसे बड़ा ही काम।
देख-देख कर सब खुश होते,
वाह! ये बच्चा कितना महान।
सीख यही हम सबको दे —
साफ़-सफाई अच्छी रहे।
छोटे हों या बड़े सभी,
मिलकर रखें घर अपना सही।
— डॉ. प्रियंका सौरभ
