सच भूल गए
सत्ता के मद में सच भूल गए सोच रहे हैं
भारत की पूरी जनता तो हमारी गुलाम है
दुर्दशा है लोकतंत्र की खुजाने लगे हैं पीठ
चाबुक ही गिर गई है घोड़े भी बेलगाम है
सब बन गए हैं अंध भक्त ये मान लीजिए
सच बोलने वाले से लेना उन्हें इंतकाम है
राम भक्त के हत्यारे को पद्म भूषण दिया
राजनीति में इसको कहते हैं ये तो इनाम है
बढई बता देते हैं जो भगवान परशुराम को
लगता है गलत भागवत उनका ही नाम है
सोलहवीं सदी में हम तो ले जाएंगे देश को
यहां माइनस पर भी दाखिले का प्रावधान है
हर क्षेत्र में योग्यता का खुद खेला दिखाएंगे
Ugc के जरिए कर लिया तो पूरा इंतजाम है
— डॉक्टर इंजीनियर मनोज श्रीवास्तव
