मुक्तक/दोहा

देश

गर्व  सदा  हो  आपको, अपना  मानो  देश।
जैसा  अपना  राष्ट्र  है, अब  वैसा  परिवेश।
मनन  आप  भी  कीजिए, देवें  ये  सौगात-
माथ राष्ट्र का उच्च हो, दूर रहे सब क्लेश।।

लोकतांत्रिक  देश  है,   भारत  की  पहचान।
हम  चुनते  सरकार  हैं, अपना  देश  महान।
विश्व पटल के शिखर पर, चढ़ता जाता राष्ट्र-
नित्य नई उपलब्धियाँ, करतीं इसका गान।।

 देश भक्ति की भावना, करते सब गुणगान।
पावन  मंगल  साधना,  बनी  हुई  पहचान।
अर्थ  धर्म  के  संग  में,     संवेदना  सुचार-
योग्य नेतृत्व हाथ में,   दुनिया करें बखान।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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