दिल जीतने का सलीक़ा, मोहब्बत एक हुनर है
किसी ने क्या ख़ुब कहा है कि,,
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का ,
कोई तो बता दे हमें प्यार का सलीक़ा।
ये अल्फ़ाज़ महज़ एक गीत का हिस्सा नहीं बल्कि इंसानी फ़ितरत का एक पुराना सवाल हैं हम सब अपनी ज़िंदगी में किसी न किसी मोड़ पर यह सोचते हैं कि क्या मोहब्बत महज़ इत्तेफ़ाक़ है या यह कोई बाक़ायदा हुनर है जिसे सीखा जा सकता है।
दरअसल दिल जीतना कोई जादुई अमल नहीं बल्कि यह एक ऐसा सलीका है जो खुलूस सब्र और गहराई से जन्म लेता है आइए देखते हैं कि यह सलीका किन बुनियादों पर कायम है।
अगर हम ग़ौर करें तो जिन लोगों को दूसरों के दिल जीतने में महारत हासिल होती है उनकी शख्सियत में कुछ नुमाया खूबियां मुश्तरक होती हैं
खुलूस की ताक़त दिल जीतने का सबसे पहला और अहम उसूल खुलूस है बनावट और दिखावे से वक्तई तवज्जो तो मिल सकती है लेकिन दिल नहीं जीता जा सकता जब आप किसी से बात करते हैं या मदद करते हैं तो आपकी नियत में पारदर्शिता होनी चाहिए।
अच्छा सुनने वाला बनना लोगों को वे लोग बहुत पसंद आते हैं जो उन्हें सुनते हैं जब आप किसी को पूरी तवज्जो के साथ सुनते हैं तो आप उसे यह एहसास दिला रहे होते हैं कि वह आपकी ज़िंदगी में अहमियत रखता है सुनना बोलने से ज़्यादा अहम हुनर है,
विनम्रता और आज़िजी अहंकार से दिल कभी नहीं जीते जाते आजिज़ इंसान हर दिल में जगह बना लेता है आपकी ज़ुबान की नरमी और रवैये की शाइस्तगी ही वह रास्ता है जो सीधा दूसरों के दिलों तक जाता है
तारीफ़ का सही इस्तेमाल किसी की छोटी सी खूबी की भी सच्चे दिल से तारीफ़ करना दिल जीतने की कुंजी है लोग उन लोगों को कभी नहीं भूलते जो उनकी हौसला अफ़ज़ाई करते हैं
सम्मान का जज़्बा दिल जीतने के लिए ज़रूरी है कि आप दूसरों के नज़रिए उनकी राय और उनकी ज़ात का सम्मान करें जब आप किसी को इज़्ज़त देते हैं तो बदले में आपको मोहब्बत और सम्मान ही मिलता है।
क्या मोहब्बत सिखाई जा सकती है?
सवाल यह है कि क्या इस सलीक़े को सीखा जा सकता है जी हां बिल्कुल मोहब्बत कोई ख़ुदा दाद सलाहियत ही नहीं बल्कि यह एक अभ्यास का नाम है।
अपने आप को पहचानें जो शख़्स ख़ुद से मोहब्बत नहीं करता वह दूसरों को मोहब्बत नहीं दे सकता पहले ख़ुद को बेहतर इंसान बनाएं।
हमदर्दी पैदा करें दूसरों के दुख़ दर्द को अपना समझना शुरू करें जब आप किसी के लिए आसानियां पैदा करते हैं तो आप ख़ुद ब ख़ुद उसके दिल में घर कर लेते हैं
माफ़ करना सीखें दिल जीतने वाले लोग नफ़रत रखने वाले नहीं होते ग़लतियों को नज़रअंदाज करना और आगे बढ़ना ही मोहब्बत का असल सलीक़ा है,
मोहब्बत का सलीक़ा किसी किताब में दर्ज़ कोई फ़ार्मूला नहीं है बल्कि यह रवैयों की ख़ूबसूरती है यह उस वक़्त पैदा होता है जब आप ख़ुद को भूलकर दूसरे की ख़ुशी और सुकून में अपनी ख़ुशी तलाश करने लगते हैं जिस दिन आपने यह समझ लिया कि दिल जीतना दूसरे को मिटाना नहीं बल्कि दूसरे को अपना बनाना है उसी दिन आपको इस गीत के सवाल का जवाब मिल जाएगा
याद रखें जो दिल जीतते हैं वे असल में अपनी शख्सियत के हुस्न से दूसरों को अपना मुरीद बना लेते हैं।
— डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़
