बाल कविता

रंग-बिरंगी प्यारी तितली

डाल-डाल पर आयी तितली,
सबके मन को भायी तितली।
सुन्दर-सुन्दर फूल खिले हों,
देगी वहीं दिखायी तितली।।

तितली रानी, रूप तुम्हारा,
लगता सबको प्यारा-प्यारा।
फूल-फूल पर मंडराती ऐसे,
भर जाता है उपवन सारा।।

कली-कली छिप जाती है,
दूर-दूर तक उड़ जाती है।
रंग-बिरंगी प्यारी तितली,
तू सबके मन को भाती है।।

लुका-छिपी का खेल खेलती,
करती रहती है मनमानी।
हाथ नहीं किसी के आती,
होती तितली बड़ी सयानी।।

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh

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