कविता
मुस्कुराओ कि सुबह की पहली किरण मुस्कुराती है
फूलों की मुस्कान, पत्तों पर ठहरी ओस
अपनों का स्नेह किसी का आत्मीय संदेश
किसी के मन को छू लेने वाले शब्द,
मुस्कुराने का, संदेश देने आते हैं,
किसी बड़ी उपलब्धि की प्रतीक्षा न करके
खुश रहो, मुस्कुराओ कि ये सभी
जीवन को सुंदर बनाने वाले अनमोल उपहार हैं।
— लीला तिवानी
