रूकावटें आएंगी पर कमजोर नहीं बनना है
राह में पत्थरकदम ठिठके पल भरहौसला आगे अंधेरी रातदीपक खुद बनना हैसूरज भीतर टूटी उम्मीदफिर भी बीज बोनाकल की खातिर
Read Moreराह में पत्थरकदम ठिठके पल भरहौसला आगे अंधेरी रातदीपक खुद बनना हैसूरज भीतर टूटी उम्मीदफिर भी बीज बोनाकल की खातिर
Read Moreझुका हुआ वृक्षफल से भरी डालियों मेंआभार बोलता है नदी का पानीनीचे बहते हुए भीसमुद्र रचता है माटी की खुशबूपाँव
Read Moreजरूरतें बोलींरोटी पहले चाहिएसपने बाद में जिम्मेदारियांकंधों पर चुपचापवक्त का बोझ ख्वाहिशें हँसींआंखों में रंग भरउड़ना चाहा थाली में सादामन
Read Moreजन की आवाज़ उठे,सत्य और न्याय का दीप,अंधकार मिटे। कानून का बंधन,सबके लिए समान राह,धर्म का संकल्प। सुरक्षित मन और,स्वतंत्र
Read Moreधूप उधार लोतो छाँव भी माँगेअपनी नहीं लगती कर्ज़ की तलवारचमकती है पल भरहाथ ही काटे उधार का साहसभीतर से
Read Moreअनुभव बोलते हैंमौन में भी अर्थ भरतेजीवन समझाते ठोकरें राह कीचलना हमें सिखलातींआँखें खोल जातीं कठिन क्षणों मेंमन का दीपक
Read Moreआज़ भीधूप की चुप्पी मेंपत्थर साँस लेते हैंकाई की हरी लिपिसमय पढ़ता रहताटूटी खिड़की सेहवा का पुराना गीतकदमों की यादेंधूल
Read Moreसूनी मेज़ परहवा पलटती पन्नेस्याही ठिठकी चाय की भाप मेंअधूरे वाक्य तैरेंशाम धीमी खिड़की के बाहरपीपल की पत्तीसुनती शब्द काग़ज़
Read Moreसुबह की धूपकलाई पर बंधीउम्मीद की रेखा खामोश हवाटूटी साँसों मेंविश्वास भर दे सूखा आँगनएक बूंद हौसलाहरियाली लाए झुकी पलकेंफिर
Read Moreमसरूफ पलों मेंरुकना भी सीख लेनासाँस का सम्मान काम की धुन मेंदिल की आवाज़ न खोयही संतुलन हर व्यस्तताअनमोल नहीं
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