उधार की ताकत ठीक नहीं है
धूप उधार लोतो छाँव भी माँगेअपनी नहीं लगती कर्ज़ की तलवारचमकती है पल भरहाथ ही काटे उधार का साहसभीतर से
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Read Moreअनुभव बोलते हैंमौन में भी अर्थ भरतेजीवन समझाते ठोकरें राह कीचलना हमें सिखलातींआँखें खोल जातीं कठिन क्षणों मेंमन का दीपक
Read Moreआज़ भीधूप की चुप्पी मेंपत्थर साँस लेते हैंकाई की हरी लिपिसमय पढ़ता रहताटूटी खिड़की सेहवा का पुराना गीतकदमों की यादेंधूल
Read Moreसूनी मेज़ परहवा पलटती पन्नेस्याही ठिठकी चाय की भाप मेंअधूरे वाक्य तैरेंशाम धीमी खिड़की के बाहरपीपल की पत्तीसुनती शब्द काग़ज़
Read Moreसुबह की धूपकलाई पर बंधीउम्मीद की रेखा खामोश हवाटूटी साँसों मेंविश्वास भर दे सूखा आँगनएक बूंद हौसलाहरियाली लाए झुकी पलकेंफिर
Read Moreमसरूफ पलों मेंरुकना भी सीख लेनासाँस का सम्मान काम की धुन मेंदिल की आवाज़ न खोयही संतुलन हर व्यस्तताअनमोल नहीं
Read Moreबिखरे से सपनेसुबह की ओस जैसेचुपचाप चमकते टूटे हुए पलहवा में तैरते हैंयादों के संग अनकही बातेंखामोशी में लिखीदिल की
Read Moreशाम की खिड़कीबीता कल झाँक गयापुरानी हँसीआज भी साथ चलतीडायरी के पन्नेखामोश बोल उठेसूनी गलियाँकदम पहचानती हैंचाय की भाप मेंमां
Read Moreसूरज की पहली किरणअंधकार को चीरती हैमन में उजाला भरती पतझड़ की ठंडी हवागिरते पत्तों को सहलाएजीवन की नमी लौटाए
Read Moreसुबह की धूप मेंममता की छांव मिलीजीवन संवर गया बूँद बूँद सीखतेउनकी बातें सुनकरसपने बड़े हुए सर्द हवाओं में भीउनकी
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