मैं जिंदा हूं
धूप की रेखाटूटी दीवारों परअब भी चमकती साँसों की लयशून्य में भी सुनाईधीमी पर दृढ़ सूखे पत्तेपांवों तले कहतेचलते रहो
Read Moreधूप की रेखाटूटी दीवारों परअब भी चमकती साँसों की लयशून्य में भी सुनाईधीमी पर दृढ़ सूखे पत्तेपांवों तले कहतेचलते रहो
Read Moreपतझड़ की हवा,रिश्तों के रंग उड़े,साँसें गुम हो गईं। सूखे पत्तों में,बीती यादें बिखरी हैं,हृदय रोता है। सन्नाटा छाया,बातें अधूरी
Read Moreपत्ते झरते हैंवायु में फुसफुसाहटमन खामोश है सागर की लहरेंचट्टानों से टकरातींगूंज उठती हैं अँधेरी रात मेंसुरज की लाल किरणरोशनी
Read Moreरात की खामोशीदिल की गहराई में गूंजतीअधूरी आस सन्नाटा बोलेछुपे सपनों की परतेंटूटते मन के रंग पवन की सरसराहटभूले हुए
Read Moreसन्नाटे की छाया,पतझड़ पत्तों की तरह,अकेले कदम चलते। चाँदनी रात में,साया भी कहता है,कौन सुनता है दिल की। हवाओं की
Read Moreछोटे कदम बढ़ाएअँधेरे में भी रोशनीमन ने दी हिम्मत सपनों की उड़ानभूल न सके अपने भयहवा से बातें करें नदी
Read Moreओस से भीगी सुबह,काँपता पत्ता मुस्काए,हवा थाम लेती है। चुप्पी की गोद में,शब्द अपने आप झुकें,आँखें सच पढ़ लें। कठोर
Read Moreसुबह की किरणओस में मुस्काननव जीवन जागे हल्की सी हवापत्तों की सरसरमन हो निर्मल नीला आकाशउम्मीद की उड़ानस्वप्न सजें मौन
Read Moreभोर की घंटीकक्षा में उजासप्रश्नों की धड़कनस्याही में सपनेकिताबों की सांसशिक्षक का मौनदिशा बन जातायुवा आंखों मेंभविष्य की लौतर्क की
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