तुम्हारे साथ….
सुनो ! उस एक मुलाकात को जी रही हूं और शायद उम्र के हर दहलीज पर जीती रहूंगी मन पर
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Read Moreतुम न आते तो अच्छा था आ के इतने करीब मेरे यूं चले न जाते तो अच्छा था दिल में
Read Moreसुनो ! बहुत सी बातें तुम्हारी मेरे दिल के करीब है सोचती हूं उसे करती हूं बाते कभी कभी और
Read Moreलोग मिलते हैं मिलते ही रहते है यह मिलने-जुलने की परंपरा जीवन-पर्यन्त चलता ही रहता है बस मिलने वालों के
Read Moreकभी यूँ भी कभी तुम खुद चले आना कभी तुम मुझे बुला लेना फुरसत के उन पलों में तन्हा ना
Read Moreसुनो ! तुम्हारी यादें कहाँ सहज होती है जो याद आएं और भूल जाएं ये तो तूफान और सुनामी लाती
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