रामाँ रहीम बन के…
झाँका है दूर नभ से रामाँ रहीम बन के निकला है आज चन्दा फिर सज के और संवर के भूलो
Read Moreझाँका है दूर नभ से रामाँ रहीम बन के निकला है आज चन्दा फिर सज के और संवर के भूलो
Read Moreछुपा आगोश में अपने इबादत भूल जायेंगे हमारा साथ दो गर तुम मुहब्बत गुनगुनायेंगे न जाना भूल बैठे हम सितारों
Read Moreसूना पड़ा अँगना यहाँ , सजना गए परदेश है । सोये हुए अरमान को , थपका रहे सन्देश है ।
Read Moreअलियों – कलियों में हुई , कुछ ऐसी तकरार । बूँद – बूँद में घुल रही ,मधुरिम प्रेम फुहार ।।
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Read Moreदिल भर आया आसमान का, आज तो उसे रोने दो खूब तपाया है सूरज ने , सूरज को अब सोने
Read Moreहवा निगोड़ी छेड़ती , नरंम लता शरमाय । मन-ही-मन मुसकाय कें तरु से लिपटी जाय ।। *********************************************** नर्म पाव से
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