ग़ज़ल
खुद अपनी क्षमता से बढ़ कर बोझ उठाना ठीक नहीरातो -दिन सपनो का बुनना ताना बाना ठीक नही पैसा प्यार
Read Moreहम हो गए हैं नाटक के किरदार की तरहपढ़ते हैं लोग हमको भी अखबार की तरह बजती नहीं है तालियां
Read Moreनभ मंडल सूर्य सितारों का स्थान बदलने वाला हैजाने ऐसा क्यों लगता है हिंदुस्तान बदलने वाला है उठते हैं सार्थक
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