ग़ज़ल
सांसों के सफर का पता नहीं कब चलते-चलते थम जाएसंतोष मिले जो पाया है उसमें ही यह मन रम जाए
Read Moreखुद बखुद आसान सारे मरहले हो जायेंगेतेरी हिम्मत से हज़ारों सिलसिले हो जायेंगे दोस्तों मंजिल की दूरी से न घबराना
Read Moreसकल विश्व में गूंज रहा यही तराना मोदी कासर्वोपरि है राष्ट्र हमारा यही फसाना मोदी काहर मुद्दे पर सच्चाई सुन
Read Moreबनकर नदिया की धार प्रबल आंखों से हो गया झट ओझलहम खुद से करते हैं सवाल जाने वह बचपन कहां
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