पूनम की रात
चुपचाप बैठापूनम की रात मेंछत पर अकेलाचांद को निहार रहा था मैं…चारों तरफ शांति ही शांतिश्वेत चादर फैली थी आकाश
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Read Moreपति -पत्नी दोनों ही एक दूसरे के लिए चिंतित रहते थे । पता नहीं, पहले पहल आखिरी सांस कौन ले
Read Moreपीकर करुणा का रसजीवन करो धन्यजन्म -जन्म सुखदाईजो करी भलाईलोकमंगल हो सदासत्य राह चुनो भाई । हिमालय पुकारतावीर बनो- धीर
Read Moreसाहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा के सम्मान समारोह में सम्मिलित होने के लिए सपत्नीक मेरी यात्रा आगरा कैंट से 4 जनवरी 2025
Read Moreमन भर उत्साह से चलो नर्मदा तीर ।मिट जायेगी निश्चित ही जन्म -जन्म की पीर ।। रंग-बिरंगे घाट सजे मां
Read Moreसरपट- सरपट दौड़ लगातीनित व्यायाम खूब करातीगांव-गांव, गली- गली घुमातीमेरी साइकिल खूब सैर कराती । बिना ईंधन के चलती जातीमन
Read Moreढूंढ रहा हूंखुद को खुद मेंकतरा -कतरा जी रहा हूंखुद को खुद में । उम्मीदों के सहारेआगे बढ़ा रहा हूंखुद
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