कृत्रिम बुद्धिमत्ता: नवाचार की उड़ान या बौद्धिक चोरी का यंत्र?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज नई रचनात्मकता का माध्यम बन चुकी है, पर यह बहस का विषय है कि क्या यह
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Read Moreमायका छूटा, गोदी छूटी,भाई की कंधी बोली रूठी,सास-बहू की लोरी गूंजी,बेटी की दुनिया पूरी झूठी। माथे की बिंदी मांग सजाए,थक
Read Moreआज का समाज एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जहाँ एक तरफ़ तकनीकी प्रगति ने जीवन को सहज
Read Moreशादी के दिन रेखा को उसके मायके से एक बड़ी सी ट्रॉली मिली — बर्तन, गहने, कपड़े। सास ने कहा — “अच्छा है, कुछ बोझ तो
Read Moreसुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक रसोई में लगी रहती थी। उसकी दुनिया वहीं थी — मसालों के डिब्बे, जलते पराठे और भीगी आँखें। एक
Read Moreरश्मि हर शाम बालकनी में बैठकर एक चिट्ठी लिखती थी — अपने पुराने प्रेमी को। शादी के बाद उसका वो हिस्सा कहीं
Read Moreकमला का आंचल कभी दूध से भीगा रहता था, कभी आँसुओं से। हर बार जब पति गुस्से में हाथ उठाते, वह चुप
Read More2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में राजनीति के स्वरूप को बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। हालांकि इसका
Read Moreनई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र और मुस्कान
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