आज जिंदगी कल की क्यों आस लगाएं?
कल का कोई ठिकाना नहीं आज जी लेते हैं,अपने ज़ख्मों को भर लो आनंद उठा लेते हैं।आपको कोई भी सूचना
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Read Moreहमारे देश में गरीबों की संख्या घट रहीं,रोजगार के आंकड़ों में दिखनी चाहिए। भारत दुनिया में 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था,हर आदमी
Read Moreचलता रहता है जीवन का चक्र,खुशी और ग़म का होता जिक्र।हम एक-दूजे की करते हैं फिक्र,ये एक परिवार हैं जिस
Read More“गुरु पूर्णिमा” हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म,आषाढ़ मास की पूर्णिमा में मनाते कर्म।गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता,हम करते
Read Moreये बारिश का मौसम और ‘जामुन’ का जिक्र,खाने के बाद जीभ नीली हो जाओं बेफिक्र।जून-जुलाई आये बाजार में बैंगनी रंग
Read Moreअहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर क्रेश,वो सैकड़ों जानें चली गई स्तब्ध रह गया देश।कुछ ही पल में ना जाने क्या-से-क्या
Read Moreसात जन्मों का बंधन एक पल में बिखर गया,पवित्र रिश्ते को वर्तमान में शर्मसार कर गया।प्यार, इश्क व मोहब्बत में
Read Moreजब भारतीय संत परंपरा का होता है जिक्र,तब संत कबीरदास के नाम पे होता हैं फक्र।ऐसी वाणी, पाखंड की बेड़ियों
Read Moreइस दुनिया में नेत्रदान की अलख जगाएं,छाया अंधकार उसे रोशनी में बदल पाएं।हम अपनी आंखों से देखते रहेंगें ये जहाँ,ये
Read Moreआसान भी नहीं है जिंदगी में गुजर बसर,पापी पेट के लिए काम कर जाओं पसर।हर वह जतन करना है जिसका
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