वन्दे मातरम् का सम्मान
वन्दे मातरम् की गूंज उठी, भारत माँ की शान,राष्ट्रगान-सा दर्जा पाकर, हर दिल की पहचान।माटी की खुशबू इसमें, नदियों का
Read Moreवन्दे मातरम् की गूंज उठी, भारत माँ की शान,राष्ट्रगान-सा दर्जा पाकर, हर दिल की पहचान।माटी की खुशबू इसमें, नदियों का
Read Moreअंधेरों से क्यों डरना है, जब भीतर दीप जला है,रास्ते चाहे कठिन हों, हौसलों से उन्हें सजाना है।ये ठोकरें ही
Read Moreवो मिट्टी की खुशबू, हाथों में रखती पानी,थाली में झलकी थी ‘मेहनत’ की कहानी।सुबह की किरण संग ‘काम’ पर थी
Read Moreचुनाव में कोई हारा है और कोई है जीता,लोकतंत्र की आहुति में योगदान दें सीखा।झालमुड़ी का ‘करिश्मा’ नहीं रहा हैं
Read Moreमाँ की गोद में सोया था एक ‘नन्हा-सा’ सपना,सीने से लगाए उसे थामे थी देख रहीं तड़पना।आँखों में था डर,
Read Moreजब रिश्तों की राहों में, सवाल कई उठते हैं,दिल की खामोशी में, कुछ जवाब छुपते हैं।साथ चलना अगर दोनों की
Read Moreअंधेरे की चादर ओढ़े, बरसों से सोया हुआ था गाँव,ना दीपक, ना उजियारा, जंगल, पगडंडी और ठांव। आज़ादी के 78
Read Moreबंगाल की ‘धरती’ आज कुछ और कहती है,सदियों की ‘चुप्पी’ जैसे अब टूटती रहती है।इस हवा में घुल रहीं है
Read More‘महिला आरक्षण’ का सपना फिर अधूरा रह गया,संसद के गलियारों में सच जल की तरह बह गया।बड़ी-बड़ी बातें करने वाले,
Read More