घनिष्ठता की सुध
क्यों? याद आते हैं उन्हें ‘हमेशा’ सिर्फ़ हक़,मुश्किल में पालक दिल नहीं जाता धड़क।सिर्फ लेना ही लेना क्योंकर उन्हें हैं
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Read Moreआज का सिनेमा युद्ध, शहादत व सेना केंद्रित,कहानियाँ पूरी तरह होना चाहिए थी विकेंद्रित।देशभक्ति के नाम पर बन रही फिल्मों
Read Moreभारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी हैं अर्थव्यवस्था,घरेलू खपत, सुधारों व तेज आर्थिक वृद्धि अवस्था।भविष्य में देश ‘तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था’
Read Moreछत्तीसगढ़ में हो रहीं हैं गजब की चोरियां,इस दुनिया में ना जाने क्या-क्या हो रिया।एक ऐसी चोरी के सुन आप
Read Moreकरिए ‘इज़हार-ए-मोहब्बत’ बाबू-शोना,‘सभ्यता-संस्कृति’ का ‘ध्यान’ रख लेना।पवित्र प्रेम की मर्यादा को न भूल जाना,सच्चे प्यार को ‘सार्वजनिक’ ना बनाना। माना
Read Moreएक बार फिर कठघरे में ‘संसद की गरिमा’ खड़ी,अप्रकाशित किताब, बड़े दावे और कहानी बड़ी।एक और तीखे दुर्भाग्यपूर्ण ‘टकराव’ रूप
Read Moreअंतिम सांस गिन रहीं हैं इंसानियत,रिश्वतखोरों की पौ बारह वहशियत।मौत मुनाफे की दुकानों पे नाच रहीं,दुनिया भयानक उत्सव देखती रहीं।
Read Moreगाजियाबाद की सोसायटी में,रात दो बजे ऐसी घटना घटी।पूरे देश को दिया हैं झकझोर,तब तक भी नहीं हुई थी भोर।
Read Moreकेंद्रीय मंत्री को ‘नेता प्रतिपक्ष’ ने कहा गद्दार,संसद भवन परिसर में सही नहीं हैं व्यवहार।अपने दल में रहें तो सब
Read Moreदेश में पेश हो चुका है आम केंद्रीय बजट,हर बार ‘राजनीतिक प्रतिक्रिया’ हैं विकट।कोई भी दल हटकर क्यों? नहीं बोल
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