प्रबल प्रेम
प्रबल प्रेम के पाले पड़कर प्रभु को नियम बदलते देखा। प्रभु का मान टले टल जाये, जन का मान न
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Read Moreमहिलाएँ एवं लड़की घर से बाहर रहते समय अपने साथ होने वाले अत्याचार शोषण और दुर्व्यवहार को क्यों छुपाती है
Read Moreहोली रगों का त्योहार है, जिसे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं। प्यार भरे
Read Moreशुद्ध काव्य की क्या खोज करूं मैं खुद जीवन बना काव्य मेरा । पंक्तियां तैरती-डुबती सी हैं धूमिल सा यह
Read Moreरचना रब की श्रेष्ठ है,मनुज धरा पर एक। स्वार्थ लिए नीचा हुआ,भूल परमार्थ नेक।। भूल परमार्थ नेक,दंभ में जीवन जीता।
Read Moreभर्ती निकली तो इंतिहान नहीं परीक्षा हो तो परिणाम नहीं परीक्षा हो तो जॉइनिंग नहीं आखिर क्यों युवाओं का सम्मान
Read Moreज्ञान अगर बचपन से होगा , पोधों के संरक्षण का, कमी न होगी वृक्षों की यदि हो, शौक वृक्षा रोपण
Read Moreचला रहे अति लाड़ से , बेटी प्रिय संतान। नन्हीं कलिका में छिपा ,उज्ज्वल भविष्य मान ।।१।। बोल तोतले बोलती
Read Moreएक बच्चा अपने पिता से पूछता हैः पापा आखिर महान शब्द का मतलब क्या होता है मैने बहुत जगह पढा
Read Moreजिन्दगी खोने बैठी रेलवे पटरी पर, उमंग जगी जब नजर पड़ी बेटी पर। अंधेरे में उम्मीद की लौ जगाई, ना
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