सम्मान, सम्मेलन और कविता का खोता जन-सरोकार
कविता समाज की सामूहिक चेतना की आवाज़ होती है। वह समय का दस्तावेज़ भी है और समय से टकराने का
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Read Moreभारत की राजनीतिक यात्रा बार-बार आकाशी हादसों की भेंट चढ़ती रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती विमान
Read Moreगणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्र के आत्ममंथन के अवसर भी होते हैं।
Read Moreआज के अधिकांश कवि सम्मेलनों का दृश्य विचित्र है—कवि ही आयोजक है,कवि ही श्रोता है,कवि ही किताब ख़रीद रहा है,कवि
Read Moreबात एक ही यूँ सदा, कहता है गणतंत्र।बने रहे वो मूल्य सब, जन- मन हो स्वतंत्र। संसद में मचता गदर,
Read Moreभारत का गणतंत्र आज 77 वर्ष का हो चुका है। 26 जनवरी 1950 को लागू हुए संविधान ने एक नई
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा शिक्षा विभाग में राजनीति विज्ञान की पीजीटी लेक्चरर हैं तथा राजनीति विज्ञान में पीएचडी धारक। उनकी
Read Moreमोबाइल फोन कभी सुविधा, सुरक्षा और संपर्क का सबसे सशक्त माध्यम माना जाता था। इसने दूरी को कम किया, आपात
Read Moreराजस्थान के भीलवाड़ा जिले में हनी ट्रैप के जरिए आम नागरिकों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले एक संगठित गिरोह का
Read Moreकिसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी शिक्षा‑व्यवस्था और उस शिक्षा को मिलने वाले सम्मान से होती है। शिक्षा केवल
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