भोलापन
फोन की घंटी चीख रही थी। न चाहते हुए भी रीता ने फोन उठायाहैलो!जी भैया नमस्तेभैया की प्यारी बहन मैं
Read Moreहमारा जीवन खुद एक परीक्षा हैजिसके परीक्षक हम आप खुद हैं,अब यह आप पर निर्भर करता हैकि आप अपने जीवन
Read Moreएंबुलेंस तेजी से दौड़ रही थी। कृष्ण अपने पापा को लेकर अस्पताल जा रहा था । रास्ते में एक जगह
Read Moreआजकल आपबदले बदले से नजर आते हैं,भाव खा रहे हैं या कुछ और बात है?कोई बड़ा हाथ मार दिया है
Read Moreहे शिव-शंकर, हे चन्द्रशेखरहे नीलकण्ठ हे शिव-शंकरहे भक्तवत्सल हे पशुपति प्रभो हे दयानिधान कैलाशपतिकरो कृपा भक्तों पर अपनेऔघड़दानी हे सती
Read More२६ जुलाई को समूचा देशकारगिल विजय दिवस मना रहा है,हमारे वीर सैनिकों के शौर्य साहसबारंबार नमन कर रहा है,कारगिल में
Read Moreबरसात का मौसम था, एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश में रामनाथ के मिट्टी के मकान की खपरैल से
Read Moreहे कृष्ण!अब मौन तोड़ोमसखरी छोड़ फिर नयन उघारो,आज धरा पर कौरवों कातांडव नृत्य हर ओर चल रहा है,द्रौपदी का चीर
Read Moreहमारे जीवन में उलझनों का होनाकोई अतिशयोक्ति तो नहीं,पर हर उलझन का कोई न कोईएक समाधान भी होता है,जिसे हमें
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