० गुरु-वन्दना : पुकार ०
नाव पड़ी मझधार, लगा दो गुरुवर नैया पार कोई न खेवनहार, लगा दो गुरुवर नैया पार चारों ओर घना अँधियारा
Read Moreनाव पड़ी मझधार, लगा दो गुरुवर नैया पार कोई न खेवनहार, लगा दो गुरुवर नैया पार चारों ओर घना अँधियारा
Read Moreतलब लगे जब तम्बाकू-सिगरेट की,विचलित ना होना बस गिलास-भर पानी लेकर धीरे-धीरे सिप करना कुछ दिन में ही लत तेरी
Read Moreछन्द: बचपन बीता खेल-खेल में, मस्ती में तरुणाई धन-दौलत,यश के पीछे; जीवन-भर दौड़ लगाई देख बुढ़ापा थर-थर काँपा, भूल गई
Read More० शहीद दिवस :२३ मार्च ० (आज ही के दिन २३,मार्च सन् १९३१ को आज़ादी के दीवाने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु एवं
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