तकरार
धर्म के नाम पर छिड़ी तकरार एक दुजै पे हो रही है अब वार धर्मयुद्ध की गरम है जग में
Read Moreकिस पर करूँ भरोसा जगत में हर कोई है मतलब का यहाँ यार झुठी दुनियाँ ठग है गुणियॉ झुठों से
Read Moreमेरी अच्छाई की ऐहसास तुम्हें उस दिन जरूर होगा कफन में लिपटा मेरी जनाजा जब मेरी दर से बाहर निकलेगा
Read Moreअरमानों को मन में था संजोया अच्छे ख्वाब को चासनी में था भिगोया मन में सुखान्त का सपना था तब
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