पुस्तकों और डिग्रियों से परे: शिक्षा में भ्रष्टाचार का संकट
क्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक विकास और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला होती है। यह केवल पुस्तकों का ज्ञान
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Read Moreभारत आज दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। महानगरों में ऊँची-ऊँची इमारतें, चौड़ी सड़कें,
Read Moreशिक्षा को किसी भी सभ्य समाज की रीढ़ और उज्जवल भविष्य की नींव माना जाता है। भारत में पारंपरिक रूप
Read Moreसंक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। मलेरिया, तपेदिक (टीबी), परजीवी
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Read Moreगर्मियों के दिनों में, व्यायाम करते समय या तनावपूर्ण परिस्थितियों में हमारे शरीर से पसीना निकलना एक सामान्य घटना है।
Read Moreआज के दौर में सुंदर दिखने की इच्छा केवल एक व्यक्तिगत पसंद नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक दबाव
Read More‘विजुअल डिक्शनरी’ नामक एक नई पुस्तक, जो प्रसिद्ध लेखक एवं सेवानिवृत्त प्रिंसिपल डॉ. विजय गर्ग द्वारा लिखी गई किताब का
Read More30 मई 1826 को कलकत्ता से प्रकाशित उदन्त मार्तण्ड के साथ हिंदी पत्रकारिता का जो सफर शुरू हुआ था, वह
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