उपन्यास : शान्तिदूत (सातवीं कड़ी)
काम्पिल्य से द्वारिका जाते हुए कृष्ण का ध्यान पांडवों की ओर ही लगा हुआ था। भीम के बारे में सोचते
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Read Moreजापान ने फीफा विश्व कप में पिछले सप्ताह ग्रीस के विरुद्ध अपना मैच भले ही खो दिया, लेकिन उसके समर्थकों
Read Moreद्रोपदी के स्वयंवर में धनुर्वेद की कठिन प्रतियोगिता में ब्राह्मण वेशधारी अर्जुन के विजयी होने के बाद की घटनायें कृष्ण की
Read Moreकृष्ण फिर पुरानी यादों में खो गये। मथुरा से सभी यादवों को निकालकर सुरक्षित द्वारिका पहुंचाना बहुत कठिन कार्य था।
Read Moreसम्राट पांडु के बारे में सोचते हुए श्री कृष्ण उदास हो गये। नियति का कैसा क्रूर खेल था कि कुरुवंश
Read Moreविराट नगर में अपने कक्ष में लेटे हुए कृष्ण की विचार श्रृंखला आगे बढ़ी। जब राजमाता सत्यवती ने समझ लिया
Read Moreअब कृष्ण भीष्म के बारे में सोचने लगे। अत्यन्त कठोर प्रतिज्ञा करने और प्रत्येक परिस्थिति में उसका पालन करने के
Read Moreवासुदेव कृष्ण की आँखों में नींद नहीं थी। इतिहास एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा था। विगत के कालखंड का आगत
Read Moreबहुत से लोगों को गुर्दे में पथरी हो जाती है, जिससे बहुत असहनीय दर्द होता है. ऐलोपैथिक डाक्टरों के पास
Read Moreअजीब नज़ारा है. जिस इस्लाम को भाईचारे और समानता की मिसाल के रूप में पेश किया जाता है, आज उसी
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