उपन्यास : शान्तिदूत (तेरहवीं कड़ी)
राजसूय यज्ञ के बाद की घटनाओं को याद करके कृष्ण का मन फिर खिन्न हो गया। इस यज्ञ के बाद
Read Moreराजसूय यज्ञ के बाद की घटनाओं को याद करके कृष्ण का मन फिर खिन्न हो गया। इस यज्ञ के बाद
Read Moreअब कृष्ण राजसूय यज्ञ के समय हुई घटनाओं को स्मरण करने लगे। राजसूय यज्ञ करना सरल नहीं था। सबसे पहले
Read Moreकृष्ण को याद है कि उस समय वे द्वारिका में थे, लेकिन जैसे ही उनको कुरुओं के साम्राज्य के विभाजन
Read Moreयह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि भारत का सेकुलर मीडिया हद दर्जे का मक्कार है और राष्ट्रवादी संगठनों
Read Moreअब कृष्ण द्रोपदी के साथ पांडवों के लौटकर हस्तिनापुर आने के बाद की घटनाओं पर विचार करने लगे। कृष्ण को
Read Moreयह एक मानी हुई बात है कि न्याय में देरी करना न्याय को नकारना है. (Justice delayed is justice denied.)
Read Moreकृष्ण के विचार अब कर्ण की ओर मुड़े। कृष्ण ने सुन रखा था कि देखने में किसी क्षत्रिय योद्धा जैसा
Read Moreप्रसिद्ध फोटो चित्रकार श्री सत्यनारायण गोयल का जन्म नौ जुलाई, 1930 को आगरा में हुआ था.1943 में वे संघ के
Read Moreकृष्ण का ध्यान अभी भी वारणावत के षड्यंत्र पर घूम रहा था। कितना गहरा षड्यंत्र था यह। सबसे पहला प्रश्न
Read Moreयों तो भारत का मीडिया (चैनल, अखबार सब) कभी भी देश के प्रति जिम्मेदार नहीं रहा, लेकिन आजकल तो उसने
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