संस्मरण में सरकार !
विकास पर जाति अब भी हावी है, बिहार में कभी यादव, तो कभी कुर्मी…. एक एससी बना, तो गर्भकाल (9
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Read Moreमेरी अध्यापन की पहली नौकरी का पहला वर्ष पूरा हो चुका था। अब मैं पक्की अध्यापिका घोषित कर दी
Read Moreमैंने मार्च के अंतिम सप्ताह से चाय-नाश्ता छोड़ दिया, घर के सभी सदस्यों ने दिन में एकबार और रात में
Read Moreमार्च में होली पर लोग इस कारक् को हवा में उड़ाते हुए खूब गुलछर्रे उड़ाए, इसलिए लोग फगुआ के बोल
Read Moreमंदिर से आती शंख-ध्वनि, मस्ज़िद से आ रही अज़ान, गुरद्वारे के घंटे और गिरजे से आती ‘हैप्पी क्रिसमस डे’ की
Read Moreउस रात शहर में अच्छी बारिश हुई थी. इसलिए सुबह हर तरफ इसका असर नजर आ रहा था. गोलबाजार ओवर
Read Moreश्री प्रद्युम्न ओझा सर पेशे से अधिवक्ता हैं, किन्तु उनसे मेरा आकर्षण उनमें निहित जानकारी और विचार-बिंबता को लेकर है
Read More21 जून 2020, हैपी फ़ादर डे पापा, आज मुझे मम्मी बने हुए 6 साल 5 महीने पूरे हो गये हैं!
Read More21 जून 2020, फ़ादर डे स्पेशल एक पिता को एक बेटी का पत्र आपके ही नाम से जानी जाती हूँ
Read Moreयादों के जनरल स्टोर में कुछ स्मृतियां स्पैम फोल्डर में पड़े रह कर समय के साथ अपने-आप डिलीट हो जाती
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