अधूरी कहानी:अध्याय-14: नये दोस्त
उस दिन समीर को बहुत मार पड़ी कुछ लड़के ये सब देखकर समीर को बचाने जैसे ही गये उसी वक्त
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Read Moreसमीर वैसे तो बहुत नये ख्यालातों वाला था पर कालेज में उसका पहला दिन होने के कारण वह कोट पैंट
Read Moreसमीर के पिताजी एक नामी वकीलों में से एक हैं, समीर के परिवार में उसकी एक छोटी बहन रीता मल्होत्रा,
Read Moreउद्धव को अब प्रतीत हुआ – राधा की ऊंचाई तो आकाश से भी ऊंची है। “इधर देखो, उद्धव!” राधा ने
Read More“राधा!” उद्धव के कंठ से अस्फुट स्वर निकला। “कौन, उद्धव?” राधा का प्रतिप्रश्न उद्धव जी ने सुना। गोपियों से बात
Read Moreश्रीकृष्ण का लिखित संदेश उद्धव जी लेकर आये थे। उसे पाने के लिए सभी गोपियां अत्यन्त उद्विग्न थीं। किसी एक
Read Moreउद्धव ने प्रत्यक्ष देखा कि श्रीकृष्ण के स्नेहपाश में बंधे नन्द बाबा और मातु यशोदा अपने पुत्र के असामान्य कार्यों
Read Moreश्रीकृष्ण ने वृन्दावनवासियों को सांत्वना देने के लिए अपने परम सखा उद्धव को गोकुल भेजने का निर्णय लिया। वे श्रीकृष्ण
Read Moreतात वसुदेव और माता देवकी को साथ लेकर श्रीकृष्ण-बलराम विशिष्ट यादव सामन्तों के साथ महाराज उग्रसेन को मुक्त करने हेतु
Read Moreश्रीकृष्ण ने एक संक्षिप्त उत्तर दिया और उसके बलिष्ठ हाथों को ऐसा जोरदार झटका दिया कि वह सीढ़ियों से लुढ़कता
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