अधूरी कहानी: अध्याय-13: कालेज में पहला दिन
समीर वैसे तो बहुत नये ख्यालातों वाला था पर कालेज में उसका पहला दिन होने के कारण वह कोट पैंट
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Read Moreसमीर के पिताजी एक नामी वकीलों में से एक हैं, समीर के परिवार में उसकी एक छोटी बहन रीता मल्होत्रा,
Read Moreउद्धव को अब प्रतीत हुआ – राधा की ऊंचाई तो आकाश से भी ऊंची है। “इधर देखो, उद्धव!” राधा ने
Read More“राधा!” उद्धव के कंठ से अस्फुट स्वर निकला। “कौन, उद्धव?” राधा का प्रतिप्रश्न उद्धव जी ने सुना। गोपियों से बात
Read Moreश्रीकृष्ण का लिखित संदेश उद्धव जी लेकर आये थे। उसे पाने के लिए सभी गोपियां अत्यन्त उद्विग्न थीं। किसी एक
Read Moreउद्धव ने प्रत्यक्ष देखा कि श्रीकृष्ण के स्नेहपाश में बंधे नन्द बाबा और मातु यशोदा अपने पुत्र के असामान्य कार्यों
Read Moreश्रीकृष्ण ने वृन्दावनवासियों को सांत्वना देने के लिए अपने परम सखा उद्धव को गोकुल भेजने का निर्णय लिया। वे श्रीकृष्ण
Read Moreतात वसुदेव और माता देवकी को साथ लेकर श्रीकृष्ण-बलराम विशिष्ट यादव सामन्तों के साथ महाराज उग्रसेन को मुक्त करने हेतु
Read Moreश्रीकृष्ण ने एक संक्षिप्त उत्तर दिया और उसके बलिष्ठ हाथों को ऐसा जोरदार झटका दिया कि वह सीढ़ियों से लुढ़कता
Read Moreचाणूर और मुष्टिक के गतप्राण होने के उपरान्त कूट, शल और तोषल नामक भीमकाय राजमल्लों ने श्रीकृष्ण-बलराम पर एकसाथ आक्रमण
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