चिट्ठी
चिट्ठी जब-जब आती है,अलग सूचना लाती है। चिट्ठी में सुख-दुःख की बातें,प्यार भरी इसमें सौगातें।जहाज़, रेल, बस, नाव से,मीलों तय
Read Moreजहाँ पर बीता मेरा बचपन, भूल गया अब उम्र है पचपन। नीम तले वो कंचे खेलना, अम्मा का वो रोटी
Read Moreबने संतान आदर्श हमारी, वो बातें सिखला दूँ मैं।सोच रहा हूँ जो बच्चा आये, उसका रूप, गुण सुना दूँ मैं।।
Read Moreचंचल बारिश अब आकरटीस दिल में जगा गईबिरहन फिर से मचल उठीनीर भी आग लगा गई। बैठी नदी के कूल
Read Moreकेवल करें क्यों आराधना?आओ मिल हम करें साधना।। आराधना में हमें, मिले मंत्र हैं।साधना में, सफलता का तंत्र है।विकास पथ
Read Moreधरती डूबी पर्वत कांपे, रोया सकल जहान है।मलबे में सब स्वप्न दब गए, सूने हुए मकान हैं। चीखों से काँपा
Read Moreबीते हुए दिनों की यादेंमाटी के चूल्हे की बात। भुला नहीं पाए हम अब भीगर्म -गर्म रोटी का स्वादकढ़ी खरी
Read More