परिवार हमारा
स्नेह-सिक्त संबंध सभी हों,सुखी रहे परिवार हमारा।। शिशुओं की सीत्कार नहीं होकिलकारी से गूंजे घर सारा। क्लेह-क्लेश, ना आह भरी
Read Moreस्नेह-सिक्त संबंध सभी हों,सुखी रहे परिवार हमारा।। शिशुओं की सीत्कार नहीं होकिलकारी से गूंजे घर सारा। क्लेह-क्लेश, ना आह भरी
Read Moreजीवन के अनुबंधों की,तिलांजलि संबंधों की,टूटे मन के तारो की,फिर से नई कड़ी गढ़ना,प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना ॥ बेटी का
Read Moreआज के रघु चंद्र मनु यदुवंश वाले,बन दुशासन गर्व से इठला रहे हैं। द्रौपदी की लाज अब कैसे बचेगी?पीड़िता- भाई
Read Moreहम तुम जब हैं साथ साथ तो, लोगों से क्या डरना है।राह सत्य की चलते रहना, काम सही जो करना
Read Moreउठो सफलता खड़ी सामने, मंजिल को अब पाना है।सागर हो कितना भी गहरा, मोती चुन के लाना है।गिरें नहीं बस
Read Moreहम तुम जब हैं साथ साथ तो,लोगों से क्या डरना है।राह सत्य की चलते रहना, काम सही जो करना है।
Read Moreपेट की ये आग करा लेती है करतब कितने-कितने! देखने वाले अंगुलियाँ दबा लें दाँतों के तलेहै नहीं कोई घर
Read Moreगीत नहीं आते अधरों परआँखें जब दो रोती हैं।पेट भरा रहता है जिनका,बस उनसे यह होती हैं।खोज़ रहे दो रोटी
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