बीत रहे हैं दिन
गुमसुम – गुमसुम चुप्पी ओढ़े बीत रहे हैं दिनहर अभाव के नोक – झोंक में चुभते हैं दुर्दिन कैद हवा
Read Moreगुमसुम – गुमसुम चुप्पी ओढ़े बीत रहे हैं दिनहर अभाव के नोक – झोंक में चुभते हैं दुर्दिन कैद हवा
Read Moreसबकी जरूरत से ज्यादा परवाह की,अपनी चाहतों की एक धार बलि दी,परवाह मुझ पर बहुत ज्यादा हावी हो गई,जिंदगी की
Read Moreनिर्धन बेटी पदवी पाए तो कहलाए लोहड़ी।उदय सूरज की पगडंडी लेकर आए लोहड़ी। सुख स्मृति आनंद अवस्था शुभ संकल्प बने।वास्तविक
Read Moreघोड़ी सजी दूल्हा नहींबारात के बिन बैंड का क्या? हाथ में चिमटा लिए वीरांगना हैउधर दारू में मगन धुत साजना
Read Moreजुग-जुग जीवे भारत प्यारा सब को साल मुबारक।सागर धरती अम्बर सारा सब को साल मुबारक। देश विदेशों में बैठे मेहनतकार
Read Moreमजबूर न कोई उदास चाहिए जनाबइससे बढ़के कुछ न खास चाहिए जनाबहर हाथ रोजगार हो हर पेट में रोटीन्याय शिक्षा
Read Moreआँखों से आंसू उतर रहेखुशियों के मोती बिखर रहेफिर भी एक भरोसा है कि, तम के बादल छट जायेंगेदुःख के
Read Moreअरुणाचल भारत का हिस्सा यह विश्व जानता है साराध्रुव सत्य है ये जैसे पूरे नभ मंडल में दिखता ध्रुव ताराआगया
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