।।श्री कृष्ण जन्माष्टमी।।
सम्पूर्ण ब्रज में छा रहा मंगल अपारआया रे आया जन्माष्टमी त्यौहार। देवकीनंदन श्री वसुदेव दुलारेजन्म से ही रहे उनके करतब
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Read Moreमोर मुकुट शीश धरे श्यामल कृष्ण कन्हाई,यदुनंदन की मुरली की तान हर मन को भाई । वृंदावन की गलियों में
Read Moreसज गए हैं बप्पा फिर बाज़ारों मेंअब होगा मोल तोल खरीददारों में , कोई पूछेगा—कितने के हैं?कोई कहेगा—थोड़े कम कर
Read Moreछिपे, पहने कई लिबास।बात-बात पर देश का, करते हैं उपहास॥ राष्ट्रहितों को भूलकर, करते अपना काम।शब्दों से विष घोलते, करें
Read Moreगर्वित होकर जिंदगी, लिखे अमर अभिलेख।सौरभ ऐसी खींचिए, सुंदर जीवन रेख।। जीवन की हर राह पर, सच्चाई का साथ।मन में
Read Moreआज रचे नव भोर में, नए दौर के गीत।सौरभ अपनापन रहे, धर कर रूप पुनीत।। नई सुबह की रोशनी, लेकर
Read Moreमानवता रोई थी जार जार जब हुआ देश का बंटवाराहिंसा भी चरम पर थी अपने भाई को बनाया था चारा
Read More1-सीने में दिल धड़क रहा होभाव-भूमि अब तक हो भींगीकभी कभी दिल की देहरी परपांव पटकने का मन होताथोड़ी सी
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