कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर
शिक्षा थी संस्कार की, ज्ञान-ज्योति का धाम।अब बाजारों में बिके, उसका पावन नाम।। विद्यालय के द्वार से, घटता अब विश्वास।कोचिंग
Read Moreशिक्षा थी संस्कार की, ज्ञान-ज्योति का धाम।अब बाजारों में बिके, उसका पावन नाम।। विद्यालय के द्वार से, घटता अब विश्वास।कोचिंग
Read Moreतुम चाहती हो तुमको भूलूँ मैं भूलूँगामेरे गीत मुझे लौटा दो मैं जी लूँगा। गाये थे जो संग तुम्हारे मधुर
Read Moreअविरल चलना जीवन पथ पर, यात्रा है, कोई संकल्प नहीं है। कर्म बिना कोई जी नहीं सकता, कर्म का कोई
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreनहीं चाह अब रही हमारी, चाह रहे बस खुशी तुम्हारी। जीत हार अब पीछे छूटी, तुम्हारी जीत ही जीत हमारी।।
Read Moreव्याकुल मन को बॅंधाते धैर्य सावन की फरियाद लिए,जून तुम आए हो आशाओं का नव “आनंद” राग लिए । बीतेगी
Read Moreलोभ मोह में उलझा मानव, बनी हुई है पीर।कैसे कोई समझाए इनको, व्यर्थ बहाते नीर।। इस दुनिया की गजब कहानी,
Read Moreसीखो वृक्षों से अपनापन, जीवन मधुरिम हो मनभावन।।मुस्काते सबके घर आँगन, लगते सबको बड़े सुहावन।। तन मन में हैं स्फूर्ति
Read Moreसोच यही बस सब्र कर, मत कर मन संताप।सबको सब कुछ ना मिला, यही जगत का जाप।। अपनी-अपनी किस्मतें, अपने-अपने
Read More