जगन्नाथ महाराज
भक्ति “आनंद” का संगम रथयात्रा उत्सव,जगत प्रसिद्ध पारम्परिक विशाल महोत्सव,दूर-दूर से आते प्रभु प्रेमी पुरी धाम,रथयात्रा की रौनक होती है
Read Moreभक्ति “आनंद” का संगम रथयात्रा उत्सव,जगत प्रसिद्ध पारम्परिक विशाल महोत्सव,दूर-दूर से आते प्रभु प्रेमी पुरी धाम,रथयात्रा की रौनक होती है
Read Moreहे मेरे ईश्वर-सतगुरु,मेरी बस यही विनती है,प्रेम से भरी हुई आँखें देना,हर जीव के लिए ममता रहेश्रद्धा से झुका हुआ
Read Moreश्रीरामचंद्र प्रभु कृपा करो ।हे रघुनंदन ! दुःख-शोक हरो ।। प्रभु तुम जगत के पालनहार ।हे रघुवर ! बेड़ा कर
Read Moreभक्ति में शक्ति मिले और मिले विश्वासज्यों ज्यों पांव बढ़ाते जांव तो हो जावे मन शांतशिव की पूजा से मन
Read Moreॐ आञ्जनेय, महावीर, मारुतात्मज बलवान,रामदूत, रामभक्त तुम, जग में सबसे महान।मनोजव, महाकाय प्रभु, वज्रकाय सुखधाम,सीताशोक निवारण कर, करते सबका काम॥
Read Moreचैत्र की पूर्णिमा का पावन उजियारा,ये हर दिल में गूंजे जयकारा तुम्हारा।हे अंजनी के लाल ओ पवनसुत वीर,तुम संकट हरने
Read Moreप्रथम स्वरूप शैलपुत्री हे गिरिजा, हिमशिखर-विहारिणी, वृषारूढ़ा भव-तारिणी,त्रिशूल-दीप्त कर-कमल, करुणा-सिन्धु, मंगल-कारिणी।प्रथम प्रभा-सी तुम प्रकटो, जग में चेतन ज्योति जलाओ,भक्ति-सरित बहा
Read More