आंचल की चुप्पी
कमला का आंचल कभी दूध से भीगा रहता था, कभी आँसुओं से। हर बार जब पति गुस्से में हाथ उठाते, वह चुप
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Read Moreकश्मीर की हसीन वादियों में एक छोटा सा गाँव था, जहाँ हर तरफ हरियाली और फिजाओं में भीनी-भीनी खुशबू बसी
Read Moreगोपाल की अर्थी उठने ही वाली थी। बाहर गये बेटे पंकज का सब इंतजार कर रहे थे। एक ने कहा-
Read Moreपापा आप कब आयेंगे? कितने दिन हो गए आपको ऑफिस के काम से गए हुए। आपने कहा था चार-पाँच दिन
Read Moreअली और ज़ैनब, दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। क्लास के बाद अक्सर लाइब्रेरी के एक शांत कोने में
Read More“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती
Read Moreज्वाइस का इंतज़ार मैने तमाम रात किया पर वो क्या उसकी हवा तक मेरे कमरे के आस-पास नही गुज़री। अगली
Read Moreशाम की हल्की सी ठंडक थी। स्कूल की इमारत की पुरानी दीवारें, जैसे हर रोज़ की तरह आज भी कोई
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