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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    खामोशी से हमने अपने दिल की सारी बात बता दी याद न वो आए हमको इस याद में सारी रात बिता दी कब मांगे थे महल दुमहले कब मांगा था सोना चांदी तेरी वफा की चाहत...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    लगाइए बोली मेरे अरमान बिक रहे हैं महफ़िल में तेरी आके बेदाम दिख रहे हैं जागीर ए मोहब्बत सब उनके नाम की दर पे उनके जाके सुबह शाम लुट रहे हैं अच्छा है आपने यूं दिल...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अपने हालात देखे हंसी आ गई ये कहां से कहां ज़िंदगी आ गई एक नज़र उनकी आज हमपे पड़ी कि नज़र में हमारी नमी आ गई दिल रोता रहा मन के वीराने में क्या मोहब्बत में...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ये तमाम उम्र गुजारी है तेरे ख़यालों में बची है जितनी गुज़र जाएगी सवालों में । ग़म ए तन्हाई के अंधेरो ने छुपाया है मुझे ये राज है के हम मिलते नहीँ उजालों में । एक...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मुझे इस वक्त ने ही वक्त का मारा बना दिया जीतने की तमन्ना ने हमें हारा बना दिया। हर किसी की है नज़र मुझपर हमदर्दी भरी मेरे हालातों ने यूं मुझको बेचारा बना दिया। दर बदर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इन आंसुओं का मोल चुकाया न जाएगा अब हमसे भी कोई गीत गाया न जाएगा । जी चाहता है अश्क ये पलकों से चुरा लूं इस दर्द ए दिल का बोझ उठाया न जाएगा। सुन दर्द...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जब आंखों के वीराने में घना अंधेरा छा जाता है तब धुंधली परछाईं में भी ख्वाब सामने आ जाता है। जब रात गगन के आंचल में चांद सितारे भरती है तब गगन का टूटा तारा मेरे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जिसे दिल का रोग लग जाता है उसको न कोई दवा लगे दिन रात तड़पते रहते हैं कभी उनको न कोई दुआ लगे । फिरते हैं ये इश्क़ के मारे अपनी जान हथेली पर लेकर तिनका...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जमीं से आसमां तलक ग़मों के साए हैं कि बनके बोझ जमीं पर हमतो आए हैं । ज़िंदगी कश्ती पे अपनी मुझे कहीं ले जा अब यहां कोई नहीं मिरा है हम पराए हैं। दर्द ए...

  • ग़ज़ल – हया

    ग़ज़ल – हया

    हया आंखो में अब बहुत मुश्किल से मिलती है बेशर्मी आजकल तो यहाँ नाजों से पलती है । बयां कर दूँ अगर सचाई तो कड़वी बहुत होगी शर्म का छोड़कर गहना बिना चूनर के चलती है।...