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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ये न सोचो कि हम पराए हैं तेरी खातिर जमी पे आए हैं। एक पल के लिए करीब तो आ तेरी खातिर वफा के साए ह़ै। छेड़ कर तार यू़ं मेंरे दिल के दर्द इस दिल...

  • ग़ज़ल 2

    ग़ज़ल 2

    दिल से दिल की लगी छुपाने के लिए ज़ख़्म ए दिल छुप छुप नहीँ धोता कोई । ख्वाब ने नींद को खुलने न दिया शायद वर्ना इस तरह इस कदर नहीँ सोता कोई। जब तलक दिल...

  • ग़ज़ल 1

    ग़ज़ल 1

    सुन तेरे पास आने को जी चाहता है फिर गले से लगाने को जी चाहता है। मोहब्बत में हद से गुज़र जाएं आजा कि अब पार जाने को जी चाहता है। मैं आ कतरा  कतरा लिखूं...

  • ग़ज़ल २

    ग़ज़ल २

    कबतक जीवन पूरा होगा, फिर कब जनम दुबारा होगा कबतक यूं ही तडपेंगे हम, कब दीदार तुम्हारा होगा। जाने कितने जनम लिये, लोगों ने कितने नाम दिए लैला-मजनूं, हीर और रांझा, अब क्या नाम हमारा होगा...

  • ग़ज़ल १

    ग़ज़ल १

    कहाँ कोई देखता है हाथ में कैसे निवाले हैं लहू बहता है पानी सा मेंरे हाथों में छाले हैं । बिखर जाती है सब मेहनत तूफ़ान में फंसकर राई राई जोड़ा है कि हर तिनका सम्हाले...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हर सितम हर अलम है गवारा मुझे साथ जब से मिला है तुम्हारा मुझे। ज़िंदगी अब हमें रास आने लगी मिल गया आपका जो सहारा मुझे। देखकर मुझको दुनिया ये हैरान है के इस कदर आपने...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तमन्ना उसकी की है जो कभी हासिल नहीं होगा कभी कश्ती की बाहों में कोई साहिल नहीं होगा जला दूँ तुम कहो तो दिल की सारी ख्वाहिशें अपनी मगर फिर भी हमारा दिल तेरे क़ाबिल नहीं...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    आज की रात ये बोलो कि कटेगी कैसे टूटा है दिल सांस सीने में रुकेगी कैसे सो गईं थककर तन्हा ये बोझल आँखें प्यास दीदार की आंखो की बुझेगी कैसे पूछ लो दिल से कोई फ़ैसला...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    आवारगी भी दिल की ये मंहगी हुज़ूर है आसां समझने वालो ये तुम्हारा फितूर है बुझे बुझे से चेहरे बिन बात मुस्कुराना पहचान है वो दर्दे दिल के ग़म में चूर है रोकेंगी क्या दीवारें उल्फत...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    खामोशी से हमने अपने दिल की सारी बात बता दी याद न वो आए हमको इस याद में सारी रात बिता दी कब मांगे थे महल दुमहले कब मांगा था सोना चांदी तेरी वफा की चाहत...