Category : संस्मरण

  • मेरी कहानी – 3

    देहरादून की पहली याद तो लिख चुका  हूँ लेकिन अपने गाँव राणी पुर का छोटा सा इतिहास भी लिखना चाहूंगा। जितने भी गाँव शहर या देश होते हैं उन को नाम देने का कोई कारण होता है  जो...

  • “बचपन “

    “बचपन “

    “बचपन” को याद कर के अपना वर्तमान नही बिगाड़ना चाहती । बहुत ही मुश्किल भरा बचपन था मेरा। सात बच्चों को पालना पिताजी के लिए बड़ी मुसीबत भरा काम था। उस पर आय सीमित। पिताजी बेकरी...

  • मेरी कहानी – 2

    मेरी माँ अक्सर बहुत  बातें किया करती थी। वोह स्कूल तो गई नहीं थी लेकिन थोड़ी सी पंजाबी लिखना पढना जानती थी और मज़े की बात यह कि वोह कुछ कुछ हारमोनियम भी बजाना जानती थी....

  • खट्टी-मीठी इमली

    खट्टी-मीठी इमली

    मैं जब छोटी थी मुझे इमली, बेर, जामुन खाने का बड़ा शौक था। लेकिन उन्हें खाते ही खांसी हो जाती।गले से ऐसी आवाज निकलती मानो कुत्ता भौंक रहा हो | मुझे खांसता देख पिताजी को बहुत दुःख होता मानो उनकी दुखती रग को...

  • मेरी कहानी- 1

    कभी कभी सोचता हूँ कि अपनी कहानी लिखूं लेकिन कैसे, कभी समझ ही नहीं पाया … यह पढ़कर आप बहुत हैरान होंगे कि मेरी सही जनम तिथि मुझे तो क्या मालूम होगी, मेरे घर वालों को...


  • माँ …….

    माँ …….

      अवसर है पश्चिम बंगाल के प्रसिद उत्सव दुर्गा पूजा का। नवराते की सप्तमी तिथि से कोलकाता शहर में दुर्गा पूजा की चहल- पहल शुरू जाती है है। दो साल पहले सयोंग से दुर्गा पूजा देखने...