Category : बाल कहानी

  • गंगा स्नान

    गंगा स्नान

    दस वर्ष की मनु के पैर आज ख़ुशी के मारे ज़मीन पर ही  नहीं पड़ रहे थे I जैसे ही उसके पापा ने उसे बताया कि गाँव से उसकी दादी आने वाली है उसका गोलमटोल मुहँ...

  • मित्रता में स्वार्थ कहाँ ?

    मित्रता में स्वार्थ कहाँ ?

    रिंकी सात वर्ष की बहुत ही प्यारी बच्ची थी।लकिन थी बहुत चंचल व शैतान। स्वाभाव से थोड़ी स्वार्थी भी थी। हर रविवार को अपने पिताजी के साथ बाज़ार जाती और कोई न कोई नया खिलौना खरीद...

  • बाल कहानी- विद्या का दान

    बाल कहानी- विद्या का दान

    बहुत समय पहले की बात है। दो सहेलियां थीं। एक का नाम रमा था और दूसरी का निशा था। दोनों घनिष्ठ मित्र थीं। अपना सुख-दुःख, परेशानियाँ, अच्छाइयाँ सब एक दूसरे को बतातीं। एक दूसरे के सुख...

  • कहानी – मुझको भी आज़ादी चाहिए

    कहानी – मुझको भी आज़ादी चाहिए

    “देखो -देखो….दादी!  इसके कोमल-कोमल पंख,छोटी-सी चोंच।देखो ना दादी,, क्या आप नाराज़ हैं मुझसे? ” समीर ने अपनी दादी से कहा ।”हां नाराज़ हूं….कितनी बार तुझे मना किया है कि पक्षियों को इस तरह मत पकड़ा कर।इन्हें...


  • नन्हा सैनिक

    नन्हा सैनिक

    चारों ओर से धमाकों की आवाज़ आ रही थी I ऐसा लग रहा था मानो दीपावली हो, पर यह पटाखों की नहीं बल्कि हथगोलों और बंदूकों की आवाज़े थी I सन्नाटे को चीरती जब किसी जवान...




  • तीन वरदान

    तीन वरदान

    मोनू एक गरीब सपेरा था। वह अपनी विधवा माँ के साथ एक झोपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण वह पढ़ लिख नहीं सका। इसलिए जंगल में साँप पकड़कर उनका जहर निकालता और पिटारी में भरकर...