नवीनतम लेख/रचना

  • तुमसे मेरी….

    तुमसे मेरी….

    तुमसे मेरी जब कभी बात होगी अमावश तब चांदनी रात होगी मुझे अपने दिल में बसा लिए हो न जाने तुमसे कब मुलाक़ात होगी खिजाँ और बहार तो आते ही रहेगें भींगी घटाओं से कब बरसात...




  • आईना बोलता है

    आईना बोलता है

    केजरीवाल और नजीब जंग, में छिड़ी हुई है एक अजीब जंग। आज दिल्ली को राज्य का दर्जा दिये जाने के बाइस साल बाद इस दर्जे के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, खालिस राजनीतिक उल्लू...



  • अराजकतावादी केजरीवाल

    अराजकतावादी केजरीवाल

    केजरीवाल ने जब अपनी ही पार्टी के संस्थापक सदस्यों, योगेन्द्र यादव और प्रशान्त भूषण को पार्टी से निष्कासित किया, तो लोगों ने उन्हें तानाशाह (डिक्टेटर) कहा। जब केजरीवाल ने अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन में अग्रणी...

  • कुछ मत बोलो

    कुछ मत बोलो

    कुछ मत बोलो दीवारों के भी कान होते हैं -उसने कहा यदि वृक्ष, तितलियाँ  ,फूल सुन भी लेंगें तो क्या होगा -मैंने कहा प्यार के नि :शब्द होता है उसे अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता -उसने...

  • आशा

    आशा

    आपसे मिले तो आशा हुई | बिछड़े तो फिर निराशा हुई | लेकिन हाँ , एक बात तो हुई | पहले वाली ख़ुशी फिर से मिल गयी | भले एक दो पल के लिए ही |...

कविता