कविता

कारगिल विजय दिवस

२६ जुलाई को समूचा देश
कारगिल विजय दिवस मना रहा है,
हमारे वीर सैनिकों के शौर्य साहस
बारंबार नमन कर रहा है,
कारगिल में शहीद जांबाजों की
शहादत को याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है।
मैं आपको कारगिल युद्ध का वृत्तांत बताता हूं
धोखेबाज पाकिस्तानियों की
पीठ में छूरा घोंपने की एक और कोशिश
कारगिल युद्ध के बारे में याद कराता हूं।
३ मई १९९९ को शुरू हुए कारगिल युद्ध के
एक एक वाकये से अवगत कराता हूं।
२६ जुलाई १९९९ को युद्ध समाप्ति तक का
एक एक घटना क्रम समझाता हूं।
आतंकवादियों को साथ ले जब
पाकिस्तानी सेना ने भारतीय क्षेत्र में
घुसपैठ कर नियंत्रण रेखा सहित
कई पहाड़ी ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया।
तब कारगिल क्षेत्र के भारतीय चरवाहों ने
पाकिस्तानी घुसपैठ की खबर भारतीय सेना को दिया,
५ मई को जब भारतीय जवान इलाकाई गश्त पर थे
तब पाकिस्तानी सेना ने हमारे पांच जवानों को
पकड़कर बाद में मार डाला,
भारतीय सेना का गोला बारूद नष्ट कर डाला।
भारतीय सेना ने घुसपैठ जारी रहने पर
कश्मीर से अतिरिक्त सूरक्षाबलों की
तैनाती को बढ़ावा दिया
हमारे वीर सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र को अभेद बनाते हुए,
पाकिस्तानी घुसपैठ का करारा जवाब दिया।
पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा कब्जाई
भारतीय पहाड़ी ऊंचाइयों पर
कब्जाने के लिए ‘आपरेशन विजय’ शुरू कर दिया।
२६ मई को भारतीय वायुसेना ने
आपरेशन सफेद सागर का श्री गणेश कर
पाकिस्तानी ठिकानों पर हवाई हमला शुरू कर दिया।
२७-२८ मई को पाकिस्तानी सेना ने
हमारी वायुसेना के मिग-२१,मिग-१७ और
एम. आई.-१७ को मार गिराया।
३१ मई को भारतीय प्रधानमंत्री अटल जी ने
पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसी स्थिति का ऐलान कर दिया
१ जून को पाकिस्तानियों ने कश्मीर और लद्दाख के
नेशनल हाईवे-१ पर गोलीबारी शुरू कर दी,
३ जून को भारतीय सैनिकों ने
तीन पाकिस्तानी सैनिकों से
बरामद दस्तावेजों का खुलासा कर दिया,
जिससे पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक ढंग से
युद्ध में शामिल होने का पर्दाफाश हो गया।
९ जून को हमारी सेना ने
बटालिक सेक्टर के दो महत्वपूर्ण ठिकानों पर
अपना कब्जा जमा लिया,
१० जून को जाट रेजीमेंट के
छः भारतीय जवानों के शव पाकिस्तान ने लौटा दिए,
११जून को पाकिस्तानी जनरल परवेज मुशर्रफ
और सीजीएस लेफ्टिनेंट जनरल अजीज खान के बीच
खुफिया बातचीत पकड़ में आ गई,
१३ जून को अटल जी ने कारगिल का दौरा कर
भारतीय सैनिकों को संबोधित कर जोश भर दिया,
प्रत्युत्तर में भारतीय जांबाजों ने
टोलोलिंग पर फिर अपना अधिकार कर लिया।
पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई का जवाब
उन्हें खदेड़ कर दिया,
१९ जून को अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन ने
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को
अपने सैनिकों और आतंकियों को
वापस बुलाने पर बाध्य कर दिया,
२९ जून को पाकिस्तानी सेना दबाव में
भारत अधिकृत कश्मीरी क्षेत्र से
पीछे हटने को मजबूर हो गई।
४ जुलाई को भारत का
फिर से टाइगर हिल पर कब्जा हो गया
पाकिस्तानी सैनिक बटालिक सेक्टर से हट गए,
५ जुलाई को शरीफ ने क्लिंटन से भेंट के बाद
पाकिस्तानी सेना की वापसी की
आधिकारिक घोषणा की
भारतीय सेना ने द्रास पर अपना अधिकार कर लिया।
१२ जुलाई को पाकिस्तानी सैनिकों की वापसी हो गई
नवाज शरीफ ने भारत से बातचीत का संदेश भिजवाया
१४ जुलाई को भारत के प्रधानमंत्री अटल जी ने
आपरेशन विजय की सफलता का ऐलान कर
पाकिस्तान से शर्तों पर बातचीत तय कर दिया
२६ जुलाई को आधिकारिक रूप से
कारगिल युद्ध समाप्त घोषित होने के साथ
दो माह तक चले इस सैन्य युद्ध का पटाक्षेप हो गया।
आज हम २४वां कारगिल विजय दिवस मना रहे हैं
भारतीय रणबांकुरों की गौरवगाथा का गान कर रहे हैं।
उनकी जांबाजी और शहादत को नमन कर रहे हैं।


*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921