कविता

जोड़ो अनुभव को अध्ययन से

जोड़ो अनुभव को अध्ययन से
अनुभव एक सार है
मनुष्य के जीवन में
विचार बनकर वह
चलाएगा इंसान को,
उसके साथ रहेगा
अंतिम सांस तक
जोड़ना है उसे अन्य
लोगों के अनुभव से
इसलिए कि होता नहीं
सबका अनुभव समान
हे मेरी दुनिया चलो
अध्ययनशील बने रहो
रुको मत वहीं जड़ बनकर,
महत्व होता है सहानुभूति से अधिक
स्वानुभूति का इस जगत में
विवेक, विनय, चेतनशीलता
बनाये रखो अपने अंदर
हर रूग्मता का इलाज़
तुम भी करोगे आसान
दिमाग का ताकत बनो
संयम असमर्थता का नहीं
ऊर्जा है वह आगे के कदम का
और विचार के ताकत का।

पी. रवींद्रनाथ

ओहदा : पाठशाला सहायक (हिंदी), शैक्षिक योग्यताएँ : एम .ए .(हिंदी,अंग्रेजी)., एम.फिल (हिंदी), सेट, पी.एच.डी. शोधार्थी एस.वी.यूनिवर्सिटी तिरूपति। कार्यस्थान। : जिला परिषत् उन्नत पाठशाला, वेंकटराजु पल्ले, चिट्वेल मंडल कड़पा जिला ,आँ.प्र.516110 प्रकाशित कृतियाँ : वेदना के शूल कविता संग्रह। विभिन्न पत्रिकाओं में दस से अधिक आलेख । प्रवृत्ति : कविता ,कहानी लिखना, तेलुगु और हिंदी में । डॉ.सर्वेपल्लि राधाकृष्णन राष्ट्रीय उत्तम अध्यापक पुरस्कार प्राप्त एवं नेशनल एक्शलेन्सी अवार्ड। वेदना के शूल कविता संग्रह के लिए सूरजपाल साहित्य सम्मान।