कुण्डलिया छंद
भारत माँ के लाल हैं, सक्षम, चौकस वीर।
राष्ट्र हित रक्षण करे, सजग शूर रणधीर।।
सजग शूर रणधीर, प्राण न्यौछावर करते।
लहराते ध्वज उच्च, स्वन सतरंगे पलते।
यथा योग्य सम्मान, शान से करना स्वागत।
गूँजे चहुँ दिशि आज, शौर्य गुण गाथा भारत।
भारत माँ के लाल हैं, सक्षम, चौकस वीर।
राष्ट्र हित रक्षण करे, सजग शूर रणधीर।।
सजग शूर रणधीर, प्राण न्यौछावर करते।
लहराते ध्वज उच्च, स्वन सतरंगे पलते।
यथा योग्य सम्मान, शान से करना स्वागत।
गूँजे चहुँ दिशि आज, शौर्य गुण गाथा भारत।