प्यारा बचपन
सुहानी भोर-सा अह्लड़पन ले,
मासूम नटखट चुलबुलापन।।
माँ का आँचल, पितृ छाया में,
निर्मल, निश्चल खिलता बचपन।।
खट्टा-मीठा सतरंगी जीवन में,
मनमौजी शरारती भोलापन।।
ताजगी भरा फूलों-सा महकता,
मनभावन ऋतु-सा बचपन।।
खिलखिलाती हँसी सोहन,
गोकुल का जैसे हो मन मोहन।।
बांसुरी की रागिनी, मधुर धुन-सा,
महकता, चहकता प्यारा बचपन।।
