दोहा
देश बचाने के लिए,कुछ तो करो विचार |
कानूनो में कीजिए,सख्ती और सुधार |
आने वाली नस्ल ये,कैसे रहे निरोग |
जब वायु में भर रहे,विष वाहन,उद्योग ||
पावन नदिया रो रही,जब से बनी कुरूप |
अपशिष्टो से सड़ गया,पावन जल का रूप ||
— शालिनी शर्मा
देश बचाने के लिए,कुछ तो करो विचार |
कानूनो में कीजिए,सख्ती और सुधार |
आने वाली नस्ल ये,कैसे रहे निरोग |
जब वायु में भर रहे,विष वाहन,उद्योग ||
पावन नदिया रो रही,जब से बनी कुरूप |
अपशिष्टो से सड़ गया,पावन जल का रूप ||
— शालिनी शर्मा