संघर्ष से सफलता की ऊंची उड़ान
कांटों भरी राह
पाँवों में छाले जागे
सपने फिर भी जिंदा
अँधियारी रात
दीपक ने हौसला दिया
भोर की आहट
टूटी हर आशा
मन ने हार न मानी
आस जगी फिर
पत्थर सी पीड़ा
घिसते घिसते चमकी
जीवन की धार
मेहनत की धूप
पसीने से सींची गई
सफलता कली
नीला खुला आकाश
पंखों में भर विश्वास
उड़ान असीम
— डॉ. अशोक
