नन्हा दाना, नन्हा दिल
नन्हा बच्चा दाना लाया,
चिड़ियों को वह खिलाने आया।
छोटे-छोटे हाथ बढ़ाए,
धरती पर दाने बिखराए।
चूं-चूं करके चिड़ियाँ आईं,
खुश होकर दाना चुगती पाईं।
बच्चा हँसकर उनको देखे,
मन में प्यार के फूल महके।
नन्हा मुन्ना आया बाहर,
हाथों में दाने लेकर।
धीरे-धीरे दाने डाले,
चिड़ियाँ आईं फुर्र से उड़कर।
चूं-चूं करके बोली चिड़िया,
“धन्यवाद ओ छोटे भैया।”
बच्चा हँसकर ताली बजाए,
सबको दाना रोज खिलाए।
दादू भी फिर पास में आए,
मिलकर दाने खूब बिखराए।
प्यार बाँटना अच्छी बात,
यही सिखाती हर मुलाकात।
— डॉ. सत्यवान सौरभ
