होली
हरदिल रंग उमंग बरसाये होली,
फूलों की खुशबू, सजाये रंगोली।।
स्नेह प्रेम की रिमझिम रस धारा,
रंगरंगीले फागण ऋतु का झंकारा।।
मिटाओ बैर, द्वेष, अहंकार मन से,
मिले रंगोत्सव में मुक्ति भेदभाव से।।
खुलकर हंसो, जिओ जिंदगी आनंद से,
रखना दूरी अनहद लोभ, लालच से।।
मिटे ईर्ष्या, कटुता, सुरीला हो जीवन राग।
उड़े उड़े अबीर, गुलाल, सब मिल गाए फ़ाग।।
