भजन/भावगीत भज मन राम *रवि रश्मि 'अनुभूति' 29/01/2026 राम जपे मन ध्यान लगाकर, शांति मिले मन हो बलिहारी।साथ खड़ी अब प्यार भरे अक्षि, नाम जपे सिय राज दुलारी।।मंदिर आकर भक्त खड़े सब, शंख बजे सुन मंगलकारी।कष्ट हरो सब दर्शन देकर, लाज रखो प्रभु आज हमारी। — रवि रश्मि ‘अनुभूति’