फाल्गुन
मन मचल मचल पागल हुआ जाये फागुन की मस्तियों में रंगों की होली में मस्त कोयल कूक रही टेसू छटा
Read Moreसेवानिवृत होते ही मुक्त हुआ नौकरी की बंदिशों से लगा जैसे टूट गई हो बेड़िया गुलामी की आज़ाद हूँ बेपरवाह
Read Moreएक टिकट मुझे भी दिलवा दो आदर्शों से कोई लेना देना नहीं किसी भी दल से दिलवा दो जो दल
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