तेजाब !
होंठो पर झूठी मुस्कान लिए रीना ने सास ससुर का स्वागत किया। रवि सब जानता था पर घर में कलेश
Read Moreसफ़र को छोड़ कश्ती से उतर जा। किसी के नाम खुशियां अपार कर जा। नहीं मोहताज हुनर किसी मुकाम का,
Read Moreकैसी ये आफत है हम कहेंगे कैसे। दिल पर इस बोझ को अब सहेंगे कैसे। वतन की कम खुद की
Read Moreरीना स्कूल से घर के लिए निकली थी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के खूब रंगारग कार्यक्रम हुए थे, उन सबकी
Read Moreहम तो हैं परदेस में, देश में निकला होगा चाँद। कल्पना के चलचित्र सा,सोम्य सा सजा होगा चाँद। कटती है
Read Moreवो झिलमिल सितारों वाली रात अच्छी थी। अनायास हो गई उनसे मुलाकात अच्छी थी। सोचते रहते थे नैन शाम औ
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