ग़ज़ल
बेवजह यूं तो न रहिए उदास। कह भी दीजिए वो बातें खास। यकीं न हो गर उल्फत का तो कुछ
Read Moreसुधा सिर्फ एक गृहणी बन कर रह गई थी न तो कोई उसकी कही बातों को गौर से सुनता था
Read Moreआज नीता की आँखों में खुशी के आंसु थे। बरसों पहले ज़िंदगी ने नीता को आंसुओं का कभी खत्म न
Read Moreभाग दौड़ बस,कहीं नहीं दिखता कोई ठहराव! जाने किस लिए है इतनी भाग दौड़। क्या पहले समय में इन्सान ज़िंदगी
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