कविता – कोई बात बने
गीत मुहब्बत का गाओ तो कोई बात बने ।जु़ल्फें चेहरे पर गिराओ तो कोई बात बने ।राज़ इस तरह दिल
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Read Moreआए माहज़बी मेरे रूबरू कोई तो गजल मैं लिखूँ,गहराईयों को दिल की मेरे कोई छू ले तो गजल मैं लिखूँ,पी
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Read Moreसखियों ने जो तेरी पूछा तो बताना पड़ा मुझे ।कई थे खत तेरे पास मेरे दिखाना पड़ा मुझे ।रहगुज़र पर
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