अफ़साना – पुराने रिश्ते
आख़िरकार मासाब का पुराना मकान मिल ही गया।नंदू बड़ी खुशी और हल्की घबराहट के साथ शहर पहुँचा था। उसका बेटा
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Read Moreकश्मीर की वादियों में उस सुबह झेलम की धारा कलकल करती बह रही थी। डल झील पर हल्की धुंध तैर
Read Moreजी में आता है के अब तर्क मुहब्ब्त कर दूं,ख़त तेरे सारे ही, हवाओं के हवाले कर दूं, तकाज़ा ए
Read Moreलाइब्रेरी की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से दोपहर की सुनहरी धूप लंबी लकीरों की तरह अंदर उतरकर किताबों पर बिखर रही थी।
Read Moreभारत की आज़ादी की कहानी त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस की एक महान गाथा है। अंग्रेजों ने 1757 में प्लासी
Read Moreवंदन तुझको, हे भारत माँ,तेरी मिट्टी,पे है जान क़ुर्बाँ।तेरी नदियों का अमृत प्यारा,तेरे पर्वत का सिर ऊँचा तारा।सदियों रही अमन
Read Moreवो चेहरा… उसको पहले तो यहाँ कभी नहीं देखा था, लेकिन जिस दिन पहली बार नज़र आई, मेरी रग-ओ-पुख़्तगी जैसे
Read Moreगुलमर्र्ग की वादी उस रोज़ सफ़ेद मख़मली चादर में लिपटी थी। देवदार के ऊँचे पेड़ ठंडी हवा में झूम रहे
Read Moreत्योहार नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्यार और तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल है। भारत में भुजारिया त्योहार एक रिवायती और
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